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मंत्र का अर्थ क्या होता है |

मंत्र
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मंत्र का अर्थ क्या होता है |  

मंत्र अर्थ होता है | मन कोण एक तंत्र में बांधना यदि किसी व्यक्ति के मन में अनावश्यक और अत्यधिक विचार उत्पन्न होते है | जिसके कारण वह व्यक्ति हर समय चिंता में डूबा रहता है | तो मंत्र जाप करना सबसे कारगर औषधि है | आप जिस भी इष्ट की पूजा प्रार्थना या ध्यान करते है | आप उनके नाम का मंत्र जाप कर सकते है | 

मंत्र तीन प्रकार के होते है | :-👇 Mantra 

सात्विक मंत्र , तांत्रिक मंत्र , साबर मंत्र - सभी मंत्रो का अपना अलग - अलग महत्व है | प्रतिदिन जपने वाले मंत्रो को सात्विक मंत्र माना जाता है | यदि आप सात्विक मंत्र का जाप करते है | तो एक ही मंत्र का जाप करे | वह मंत्र गुरु द्वारा प्राप्त मंत्र भी हो सकता है | यदि आपने अभी तक गुरु दीक्षा नहीं ली है |  तो आप किसी देवता का मंत्र जाप कर सकते है | बस आप इस बात का ध्यान जरूर रखिये वह देवता सात्विक होना चाहिए | जिससे आपको सात्विक फलो की प्राप्ति होगी। 

मंत्र का जाप करते वक्त किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए। :-👇Mantra 

मंत्रो के जाप के वक्त सामान्य पवित्रता का ध्यान रखे जैसे आप घर में हो तो देवस्थान में बैठकर , कार्यालय में हो तो पैरो से जुटे चप्पल उतारकर मंत्र का जाप करे। और देवताओ का ध्यान करे।  इससे आप मानसिक बल पायेगे और आपके शरीर में ऊर्जा का निर्माण होगा। 

मंत्र जाप करने से क्या लाभ होते है। :-👇Mantra 

1. मंत्र जाप करने से मन शांत होने लगता है। 

2. मंत्र जाप से एकार्गता आने लगती है। 

3. मंत्र जाप से चेहरे पर सुंदरता बढ़ती है। 

4. मंत्र जाप निरंतर करने से मानसिक सकती बढ़ती है। 

5. मंत्र का जाप करने से मांगलिक दोष, नाड़ी दोष, कालसर्प दोष, भूत-प्रेत दोष, रोग, दुःस्वप्न, गर्भनाश, संतानबाधा कई दोषों का नाश होता है।

6. मंत्र जाप से रोगों का नाश होता है और मनुष्य निरोगी बनता है।

7. मंत्र जाप से मनुष्य को कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है।

8. मंत्र जाप से प्रभाव से मनुष्य का अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता है। 

9. मंत्र जाप से मनुष्य को समाज में उच्च स्थान प्राप्त होता है। 

10. मंत्र जाप से हर मनोकामना पूरी होती है। 

मंत्र जाप में मन नहीं लगता क्या करे :- 👇 Mantra 

यदि किसी व्यक्ति का मन काम में नहीं लगता।  हर समय आलस आता है। और यदि उस व्यक्ति का स्वभाव चिड़चिड़ा हो तो उस व्यक्ति को मंत्र का नित्य जाप करना चाहिए।  मंत्र के नित्य जाप से शरीर में अनेको लाभ होते है।  मंत्र का जाप शुरू करने से पहले आपको इन बातो का ध्यान जरूर रखना है। आपको 40 दिन ब्रह्चर्य का पालन करना होगा और कोशिश करे भोजन जमीन पर करे। भोजन शुरू करने से पहले ईश्वर का धन्यवाद जरूर करे और ईश्वर से प्रार्थना करे कि हे ईश्वर आपने जो मुझ पर अपनी कृपा की है।  ऐसी कृपा सभी पर करे और सस्बका भला करे। यदि आप ईश्वर से सबका भला मानते है। तो सबके भले में आपका भला भी होगा। नित्य सुबह ब्रह्ममहूर्त में उठे। ब्राहमहूर्त में किया गया जाप अधिक प्रभावशाली होता है। यदि आप 40 दिन तक ब्राहमहूर्त में किसी भी सात्विक मंत्र का जाप करते है। तो आप अपने जीवन में बड़ा बदलाव पायेगे।  

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